लोकसभा एवं राज्यसभा से विपक्षी सांसदों को निलंबित करने के कार्रवाई का शिवसेना हिंदुस्तान विरोध करती है…
लोकसभा एवं राज्यसभा से विपक्षी सांसदों को निलंबित करने के कार्रवाई का शिवसेना हिंदुस्तान विरोध करती है। शिवसेना हिंदुस्तान विपक्षी दलों से भी अनुरोध करती है कि वह मर्यादा एवं नियमों में रहकर जनहित के विषयों को लोकसभा और राज्यसभा में बुलंद आवाज में उठाएं जो उनका जनप्रतिनिधि होने के नाते कर्तव्य है परंतु विपक्षी दल आम सहमति होने के बाद भी जिस प्रकार तख्तियां लेकर के संसद के अंदर जाकर के विरोध करने का प्रयास करते हैं वह ठीक नहीं हो सकता। जब किसी बात पर सहमति हो गई हो तो सभी को उसकी पालना करनी चाहिए।
परंतु सत्ता पक्ष को भी अपना अहम संतुष्ट करने के लिए विपक्षी दलों के सांसदों को इस प्रकार निलंबित करने की परंपरा का निर्वाह नहीं करना चाहिए अगर अतीत में कांग्रेस ने इस प्रकार की गलती की है तो भाजपा को बहुमत होने के कारण कांग्रेस के ऐसी परंपरा को आगे नहीं बढ़ना चाहिए।
लोकतंत्र में और देश के हित में एक मजबूत विपक्ष की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है परंतु सत्ता पक्ष बेमिसाल बहुमत होने के कारण विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास करें तो वह किसी प्रकार से ठीक नहीं कहा जा सकता।
शिवसेना हिंदुस्तान का ऐसा मानना है कि लोकतंत्र के मंदिर संसद में जिस प्रकार से कुछ घुसपैठियों द्वारा सारी सुरक्षा को भेदते हुए संसद में प्रवेश कर गए यह घटना बहुत चिंता का विषय है और इस मामले में देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को भी गहरी चिंता है। इस मामले पर राजनीति से ऊपर उठकर देश हित में विपक्ष एवं सत्ता पक्ष को सयंम से काम लेते हुए इस मामले पर आगे बढ़ना चाहिए ताकि इस संसद के सत्र में अहम विलो पर जनहित में चर्चा होकर कानून बन सके।
शिवसेना हिंदुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पवन गुप्ता जी ने दोनों पक्षों से अपील की है कि अपने अहम का टकराव छोड़कर देश हित में और जनहित में संसद को चलाएं और सत्ता पक्ष भी एक कदम आगे बढ़ते हुए सभी माननीय सांसदों का निलंबन रद्द कर इस मामले में जनहित की भावनाओं को ध्यान में रखकर कार्य करें। विपक्ष को भी याद रखना चाहिए की जो पार्टी सत्ता में है उसे आम जनता ने शासन करने के लिए मत दिया है।