Oyuncular hızlı oturum açmak için lisanslı casino siteleri bağlantısına tıklıyor.

Spor karşılaşmalarına hızlı bahis yapmak için Bettilt giriş kategorisi seçiliyor.

About Us

shiv sena hindustan banner 31_11zon

 

शिव सेना हिंदुस्तान की स्थापना 30 मार्च 2003 को पंजाब के जालंधर शहर में दोपहर12 बजे के समय पर पर की गई । इसकी स्थापना वर्तमान के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पवन गुप्ता जी ने की थी। उस समय के शिवसेना बाल ठाकरे के पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष थे। शिवसेना के क्षेत्रवाद की नीतियों के कारण और मराठा वाद के नाम पर मुंबई में हिंदुओं की पिटाई होती थी। हिंदू विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर हिंदू समाज के उत्थान के लिए और उनकी आवाज बुलंद करने के लिए* शिव सेना हिंदुस्तान की स्थापना की गई*शिव सेना हिंदुस्तान अपनी स्थापना के तुरंत बाद कश्मीर घाटी से पाकिस्तान समर्थक मुस्लिम आतंकवादियों द्वारा निकाले गए कश्मीरी पंडितों के पक्ष में आवाज बुलंद करते हुए सबसे पहले श्री काली माता मंदिर पटियाला पंजाब से उनके पक्ष में एक आतंकवाद विरोधी रथ यात्रा निकाली गई जो कश्मीर के लाल चौक तक जानी थी परंतु सरकार ने जम्मू के प्रवेश द्वार पर कठुआ में रोक लिया, तब शिव सेना हिंदुस्तान ने जबरदस्त रोड जाम कर प्रदर्शन किया उस प्रदर्शन और आतंकवाद विरोधी रथ यात्रा के कारण कश्मीर घाटी के हिंदुओं की सुनवाई हुई। यह शिव सेना हिंदुस्तान का स्थापना के बाद पहला जोरदार प्रयास रहा जो कश्मीर घाटी के हिंदुओं को न्याय दिलाने के मकसद से था जो शुरुआत में सफल रहा। इसका नेतृत्व उस समय श्री पवन गुप्ता जी ने ही किया था। पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में शिव सेना हिंदुस्तान का परचम लहराया गया संगठन की स्थापना हुई जिसमें हिमाचल हरियाणा चंडीगढ़ राजस्थान दिल्ली उत्तर प्रदेश कर्नाटका छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश बिहार इत्यादि प्रदेशों में संगठन में विस्तार लिया। राजस्थान में शिव सेना हिंदुस्तान का बहुत विस्तार हुआ अनेकों जबरदस्त रैलियां की गई। श्री पवन गुप्ता जी राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सेना हिंदुस्तान जिन प्रदेशों में भी गए वहां संगठन बहुत मजबूत बना। शिव सेना हिंदुस्तान अनेकों उस विषय पर काम किया जिसमें कोई हिंदू संगठन आगे बढ़ना नहीं चाहता था उदाहरण के रूप में साध्वी сайт प्रज्ञा सिंह ठाकुर कर्नल पुरोहित जैसे मामलों में शिव सेना हिंदुस्तान ने केवल पंजाब में नहीं दिल्ली जाकर जंतर मंतर पर आंदोलन किया । उनको हर प्रकार से मदद पहुंचाने के लिए सफल प्रयास किए। साध्वी प्रज्ञा जी जहा जेल में बंद थी वहीं जेल में जाकर मुलाकात की और हर संभव मदद करने का प्रयास किया। पंजाब में खालिस्तानी आतंकवादियों के साथ सीधे और सामने से मुकाबला किया उत्तर प्रदेश में संगठन का लगातार विस्तार किया गया। शिव सेना हिंदुस्तान ने अनेकों आंदोलन करके और अखिल भारतीय हिंदू मंदिर प्रबंधक एक्ट का विषय सबसे पहले उठा कर हिंदू मंदिरों की मुक्ति का आंदोलन का आह्वान किया। यह विषय जोरदार ढंग से उठाया कि हमारे हिंदू मंदिरों का प्रबंध हिंदू समाज को सरकार क्यों नहीं दे सकती ?आज इस विषय पर अनेकों हिंदू संगठन कार्य कर रहे हैं इस मामले पर शिव सेना हिंदुस्तान अग्रणी भूमिका निभा रही है

test